HAPPY RAKSHA BANDHAN:भाई बहन का सबसे पवित्र बंधन रक्षाबंधन

Happy raksha bandhan-इस कथा के अनुसार दैत्य के राजा बलि ने 110 यज्ञ पूरा कर लिया था जिससे देवताओं के बीच में एक डर पैदा हो गया था कि राजा बलि अपने शक्तियों के बल पर स्वर्ग पर भी अधिकार न कर ले रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जो भाई बहन के अटूट रिश्ते को दर्शाता है । आज देश भर में रक्षाबंधन काफी धूमधाम से मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन भाई और बहन के बीच का एक अटूट रिश्ता को दर्शाता है जिसे आज से नहीं बल्कि देव युग से मनाया जा रहा है। बहन अपने भाई अथवा भैया के कलाई पर धागा बांधती है जिससे बहन पर कोई भी मुसीबत आए तो भाई उसकी रक्षा करें या धागा उसे सदैव याद दिलाता रहता है।

Happy raksha bandhan
Happy raksha bandhan

Happy raksha bandhan-रक्षाबंधन कब और क्यों आरंभ हुआ?

वैसे तो रक्षाबंधन से जुड़ी कई कथाएं हैं लेकिन हम आपको भगवान विष्णु  से जुड़ी कथा के बारे में कुछ बताते हैं-

Happy raksha bandhan-इस कथा के अनुसार दैत्य के राजा बलि ने 110 यज्ञ पूरा कर लिया था जिससे देवताओं के बीच में एक डर पैदा हो गया था कि राजा बलि अपने शक्तियों के बल पर स्वर्ग पर भी अधिकार न कर ले , इसलिए सभी देवता मिलकर भगवान विष्णु के पास गए और मदद के लिए गुहार लगाने लगे। तब भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और राजा बलि से भिक्षा मांगी। भिक्षा में राजा बलि  ने भगवान विष्णु को तीन पद भूमि देने का निश्चय किया। तब भगवान विष्णु ने एक पद में स्वर्ग और दूसरे पग में पृथ्वी को लिया, जब राजा बलि ने तीसरे पग को बढ़ाते हुए देखा तो वह परेशान हो गया और समझ नहीं पा रहा था की तीसरी पग में उन्हें क्या दे । फिर राजा बलि ने अपना सर वामन देव के चरणों में रख दिया और कहा आप तीसरा पग मेरे शीश पर रखें इस प्रकार राजा बलि से स्वर्ग और पृथ्वी पर उसका अधिकार छीन लिया गया और राजा बलि रसातल पर चला गया और भगवान विष्णु से हमेशा उसके साथ रहने का वरदान मांगा जिस कारण भगवान विष्णु को राजा बलि का द्वारपाल बनना पड़ा जिस कारण देवी लक्ष्मी दुविधा में पड़ गई वह भगवान विष्णु को वापस लाना चाहती थी तब उन्हें नारद जी से इस समस्या का समाधान मिला । देवी लक्ष्मी सीधे राजा बलि के पास गई और उनके हाथ पर राखी बांधी और उसे अपना भाई बना लिया और उपहार में उन्होंने भगवान विष्णु को मांगा तब से लेकर आज तक Happy raksha bandhan-इस कथा के अनुसार दैत्य के राजा बलि ने 110 यज्ञ पूरा कर लिया था जिससे देवताओं के बीच में एक डर पैदा हो गया था कि राजा बलि अपने शक्तियों के बल पर स्वर्ग पर भी अधिकार न कर ले रक्षाबंधन का यह पवित्र त्योहार मनाया जा रहा है।

Happy raksha bandhan-इस कथा के अनुसार दैत्य के राजा बलि ने 110 यज्ञ पूरा कर लिया था जिससे देवताओं के बीच में एक डर पैदा हो गया था कि राजा बलि अपने शक्तियों के बल पर स्वर्ग पर भी अधिकार न कर ले -रक्षाबंधन से जुड़ी और एक कथा

रक्षाबंधन Happy raksha bandhan-इस कथा के अनुसार दैत्य के राजा बलि ने 110 यज्ञ पूरा कर लिया था जिससे देवताओं के बीच में एक डर पैदा हो गया था कि राजा बलि अपने शक्तियों के बल पर स्वर्ग पर भी अधिकार न कर ले से जुड़ी और एक कथा है जो महाभारत काल के समय में भगवान श्री कृष्ण को शिशुपाल ने सो गालियां दी थी जिससे क्रोध में श्री कृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल कहावत कर दिया था इसके पश्चात सुदर्शन चक्र से भगवान श्री कृष्ण का उंगली कट गया और खून बहने लगा जिसे देखकर द्रोपती ने अपने साड़ी का आंचल फाड़ कर भगवान श्री कृष्ण के उंगली पर बांध दिया इसके बाद भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी को हर संकट से बचाने का वचन दिया इसका उदाहरण द्रोपती का जब चीर हरण हो रहा था तब भगवान श्री कृष्ण ने द्रोपदी के चीर के रूप में रक्षा की।

 Happy raksha Bandhan-रक्षाबंधन कब मनाया जाता है?

(Raksha Bandhan) रक्षाबंधन वैसे तो इस कहानी के अनुसार श्रावण मास में यह घटना घटी थी इसलिए रक्षाबंधन श्रावण मास में मनाया जाता है।

Happy raksha Bandhan-रक्षाबंधन में भाई को उपहार में क्या देना चाहिए?

वैसे तो रक्षाबंधन भाई-बहन का एक अटूट प्यार का प्रतीक है। आवश्यक नहीं है कि रक्षाबंधन के त्योहार पर भाई अपने बहन को पैसे अथवा कोई ऐसी चीज दे जो अत्यधिक मूल्यवान हो। भाई अपने बहन को Happy raksha bandhan-इस कथा के अनुसार दैत्य के राजा बलि ने 110 यज्ञ पूरा कर लिया था जिससे देवताओं के बीच में एक डर पैदा हो गया था कि राजा बलि अपने शक्तियों के बल पर स्वर्ग पर भी अधिकार न कर ले रक्षा सूत्र के बदले सदैव उसकी रक्षा का आशीर्वाद दे सकता है।

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